हिमाचल में 70% बढ़ा अनुपूरक बजट, विपक्ष का वॉकआउट
हिमाचल विधानसभा में 40,461 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, कुल बजट 98,975 करोड़ पहुंचा। विपक्ष ने हंगामा कर वॉकआउट किया।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो। शिमला
सरकारी कोषागार का कैश फ्लो बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों के कारण इस बार अनुपूरक बजट काफी बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वीरवार को चालू वित्त के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया। कुल बजट का करीब 70 फीसदी अनुपूरक बजट होने पर विपक्ष ने कई सवाल उठाए। पिछले साल 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ का बजट पेश किया था। वीरवार को विधानसभा में 40,461.95 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित होने से अब आंकड़ा 98,975.95 करोड़ पहुंच गया है। इस पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा करने के बाद वाकआउट कर दिया। उधर, सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र की ओर से आरडीजी बंद होने से जनता पर न पड़े बोझ, इसलिए वेज एंड मींज के तहत ऋण लिया गया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अनुपूरक मांगों को सदन में रखा
बजट सत्र की बैठक में भोजनावकाश से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 40,461.95 करोड़ की अनुपूरक मांगों को सदन के पटल पर रखा और इन्हें पारित कर दिया। उसके बाद विनियोग विधेयक को भी पारित किया गया। 40,461.95 करोड़ के अनुपूरक बजट में 36,374.61 करोड़ राज्य स्कीमों और 4087.34 करोड़ केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए प्रावधान किया गया है। राज्य की स्कीमों में मुख्य रूप से 26,194.95 करोड़ रुपये वेज एंड मींस और ओवरड्राफ्ट के लिए प्रावधान किया गया। 4150.14 करोड़ रुपये का प्रावधान उपदान और बिजली को उदय योजना के तहत उपलब्ध करवाए गए ऋण को इक्विटी में बदलने, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, 818.20 करोड़ प्राकृतिक आपदा राहत, 785.22 करोड़ जलापूर्ति एवं मल निकासी योजनाओं के लिए है।
विपक्ष का आरोप: सरकार छिपा रही तथ्य
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में पारित अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि 40,400 करोड़ का अनुपूरक बजट पास किया गया है लेकिन यह नहीं बताया गया कि इतना पैसा खर्च कहां हुआ। सदन में बजट की कॉपी भी उन्हें नहीं दी गई। सरकार चीजों को छिपा रही है। यह सदन की अवमानना है। सरकार इस पर स्पष्टीकरण दें। जयराम ने सदन के बाहर विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
मुख्यमंत्री सुक्खू का जवाब: जनता पर बोझ न पड़े, इसलिए वेज एंड मींज के तहत लिया ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम उस समय सदन में नहीं थे, जब अनुपूरक बजट पेश हो रहा था। विधानसभा अध्यक्ष ने पूछा कोई इस विषय पर चर्चा करना चाहता है, उस समय किसी ने चर्चा में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने पर जनता पर बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने वेज एंड मींज के तहत ऋण लिया। कहां खर्च किया, वह भी अनुपूरक बजट में बताया है। 98 हजार करोड़ का बजट नहीं है। हमने ऋण लिया और अगले दिन वापस कर दिया।
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