जयराम का वार: सुक्खू बजट ‘झूठ का पुलिंदा’

जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के बजट पर सवाल उठाए। कहा—विभागों में कटौती, नौकरियां घटीं और योजनाएं अधूरी, जानें पूरी खबर।

Mar 23, 2026 - 19:55
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जयराम का वार: सुक्खू बजट ‘झूठ का पुलिंदा’

शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के बजट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे “झूठ का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि बजट में न तो ठोस योजनाएं हैं और न ही प्रदेश के विकास की स्पष्ट दिशा।


प्रमुख विभागों में भारी कटौती का आरोप

विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने कई अहम क्षेत्रों में बजट घटाया है।

उन्होंने जिन क्षेत्रों में कटौती का दावा किया:

  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन
  • शिक्षा
  • ग्रामीण विकास
  • कृषि
  • सड़क निर्माण

उनका सवाल था कि “जब इन मूलभूत क्षेत्रों में ही कटौती होगी, तो हिमाचल आत्मनिर्भर कैसे बनेगा?”


‘तीन साल में योजनाएं जमीन पर नहीं उतरी’

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में घोषित कई योजनाएं अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाई हैं।

  • कई घोषणाएं बिना बजट प्रावधान के
  • दर्जनों योजनाएं कागजों तक सीमित
  • बजट का आकार भी तीन साल पहले के बराबर

उन्होंने कहा कि 2024-25 के मुकाबले प्रमुख सेक्टर में 2354 करोड़ (21%) और अगले वित्त वर्ष में 3188 करोड़ (41.77%) की कटौती हुई है।


नौकरियों में गिरावट को लेकर सरकार पर निशाना

नेता प्रतिपक्ष ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।

आंकड़ों के मुताबिक उनका दावा:

  • भाजपा सरकार में 12,749 नौकरियां बढ़ीं
  • 2022 में कुल सरकारी कर्मचारी: 1,90,137
  • 2025 में घटकर: 1,75,579
  • यानी करीब 15,000 नौकरियां कम

उन्होंने कहा कि “व्यवस्था परिवर्तन” के दावों के बावजूद रोजगार के आंकड़े सरकार की पोल खोल रहे हैं।


केंद्र से मदद पर भी उठाया मुद्दा

जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र को दोष देती है, जबकि वास्तविकता अलग है।

  • राजस्व में केंद्र की हिस्सेदारी: 53.6%
  • पिछले वर्षों में हजारों करोड़ की सहायता
  • अतिरिक्त 7300 करोड़ की मदद भी मिली

उन्होंने कहा कि केंद्र का सहयोग लगातार बना हुआ है।


योजनाओं और सब्सिडी में कटौती का आरोप

जयराम ठाकुर ने कई योजनाओं के बजट में कमी का भी मुद्दा उठाया:

  • खेत बाड़ाबंदी योजना: ₹40 करोड़ से घटाकर ₹10 करोड़
  • बिजली सब्सिडी: ₹1562 करोड़ से घटाकर ₹858 करोड़
  • हिमकेयर योजना में भी कटौती
  • मुफ्त बिजली योजना का लाभ सीमित

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन उनके लिए पर्याप्त बजट नहीं दे रही।


वेतन और महंगाई भत्ते पर सवाल

उन्होंने कहा कि 2026-27 के बजट में वेतन के लिए ₹14,721 करोड़ का प्रावधान है, जो पिछले वर्ष से केवल ₹5 करोड़ अधिक है।

इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि:

  • क्या सरकार महंगाई भत्ता देने के लिए तैयार है?
  • वेतन स्थगन जैसी बात कैसे की जा सकती है?

निष्कर्ष

जयराम ठाकुर के आरोपों ने हिमाचल की राजनीति में बजट को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां एक ओर सरकार अपने बजट को विकासोन्मुख बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आंकड़ों का खेल और जनता को गुमराह करने वाला दस्तावेज बता रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में इन आरोपों पर सरकार क्या जवाब देती है।

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