अब्दुल्लापुर छिंज मेले में काजल का हमला, सरकार घिरी

कांगड़ा के अब्दुल्लापुर में छिंज मेले का शुभारंभ, विधायक पवन काजल ने सरकार की नीतियों और टैक्स बढ़ोतरी पर साधा निशाना।

Mar 25, 2026 - 20:30
 0  18
अब्दुल्लापुर छिंज मेले में काजल का हमला, सरकार घिरी

कांगड़ा। ग्राम पंचायत अब्दुल्लापुर में आयोजित पारंपरिक छिंज मेले का शुभारंभ भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल ने किया। इस दौरान उन्होंने जहां स्थानीय संस्कृति और मेलों के महत्व पर जोर दिया, वहीं राज्य सरकार की नीतियों पर भी तीखा हमला बोला।


मेलों से बढ़ता है भाईचारा और संस्कृति

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पवन काजल ने कहा कि मेलों से न केवल हमारी लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।


सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

विधायक पवन काजल ने हिमाचल सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

उनके प्रमुख बयान:

  • विधायक निधि में कटौती से विकास कार्य प्रभावित होंगे
  • बजट में विकास के लिए मात्र 20% राशि का प्रावधान
  • पेट्रोल-डीजल पर 5% टैक्स से महंगाई बढ़ेगी
  • आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक संकट के चलते सरकार ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है।


मेले में खेलकूद और कुश्ती मुकाबले आकर्षण का केंद्र

मेला कमेटी द्वारा विभिन्न खेल और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

मुख्य प्रतियोगिताएं:

  • ओपन सीनियर वॉलीबॉल और कबड्डी (8-8 टीमें)
  • लड़कों और लड़कियों के लिए 200 मीटर दौड़

इनाम राशि:

  • वॉलीबॉल विजेता: ₹10,000 | उपविजेता: ₹8,000
  • कबड्डी विजेता: ₹8,000 | उपविजेता: ₹7,000

छिंज कुश्ती में पहलवानों का दम

छिंज मेले की कुश्ती प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही।

  • बड़ी माली (₹1,10,000): रिंकू दर्गेला विजेता
  • छोटी माली (₹60,000): हैदर होशियारपुर विजेता

दोनों विजेताओं ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर खिताब अपने नाम किया।


मेला कमेटी को आर्थिक सहयोग

मुख्य अतिथि पवन काजल ने मेला कमेटी को ₹16,000 और खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी ₹16,000 की राशि भेंट की।

उन्होंने सभी विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।


निष्कर्ष

अब्दुल्लापुर का यह छिंज मेला जहां सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का संगम बना, वहीं राजनीतिक बयानबाजी का मंच भी रहा। एक ओर परंपराओं की झलक दिखी, तो दूसरी ओर प्रदेश की राजनीति पर भी तीखे बयान सुनने को मिले।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0