गोवा के पूर्व CM रवि नाईक का निधन, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने जताया शोक
गोवा के कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाईक का 79 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन
गोवा के वरिष्ठ राजनेता, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री रवि नाईक का बुधवार तड़के निधन हो गया। 79 वर्षीय नाईक को देर रात हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) हुआ, जिसके बाद उन्हें पोंडा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने रात करीब 1 बजे उन्हें मृत घोषित किया। उनके निधन की खबर से गोवा की राजनीति और जनता दोनों ही गहरे शोक में डूब गए हैं।
रवि नाईक का जन्म और राजनीतिक जीवन पूरी तरह से गोवा की जनता के बीच रचा-बसा रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी से की, लेकिन बाद में कांग्रेस और भाजपा दोनों के साथ लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे। उन्हें एक व्यावहारिक और सुलभ नेता माना जाता था, जिनकी राजनीतिक रणनीतियां हमेशा जनता के हितों पर केंद्रित रहीं।
उन्होंने सात बार विधानसभा चुनाव जीता — छह बार पोंडा सीट से और एक बार मारकैम से। नाईक ने पहली बार जनवरी 1991 से मई 1993 तक मुख्यमंत्री पद संभाला और 1994 में दूसरी बार, हालांकि यह कार्यकाल केवल छह दिनों का रहा। इनके अलावा, वर्ष 1998 में वे उत्तर गोवा से लोकसभा सांसद के रूप में भी जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “श्री रवि नाईक जी का राजनीतिक और सामाजिक योगदान गोवा की पहचान है। उनका नेतृत्व, सादगी और लोकसेवा के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।” मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की है।
राजनीतिक जीवन के दौरान नाईक ने शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास जैसे विषयों को प्राथमिकता दी। उन्हें एक साफ-सुथरी और जनसंपर्क वाली छवि वाले नेता के रूप में जाना जाता था। उनके समर्थक उन्हें ‘जनता का मुख्यमंत्री’ कहकर पुकारते थे।
नाईक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे, एक बहू और तीन पोते-पोतियों को छोड़ गए हैं। परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर तीन बजे उनके पैतृक स्थान पोंडा में किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य सरकार के कई मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के उपस्थित रहने की संभावना है।
गोवा के राजनीतिक इतिहास में रवि नाईक एक ऐसे नेता के रूप में दर्ज रहेंगे जिन्होंने सत्ता में रहते हुए अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उनके योगदान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उन्होंने गोवा की क्षेत्रीय राजनीति को सशक्त और संतुलित दिशा दी।
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