शाहपुर से नेचर कैंप रवाना, विज्ञान परिषद को 20 करोड़
शाहपुर में छात्रों को नेचर कैंप के लिए रवाना किया गया। विधायक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि बजट में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के लिए 20 करोड़ का प्रावधान है।
शाहपुर (कांगड़ा): जिला कांगड़ा के शाहपुर में छात्रों को नेचर कैंप के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस बार बजट में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में विज्ञान, नवाचार और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एटीसी के माध्यम से संचालित होंगे कार्यक्रम
विधायक केवल सिंह पठानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बजट राशि उपयुक्त प्रौद्योगिकी केंद्र (ATC) के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों में उपयोग की जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।
40 विद्यार्थी नेचर कैंप के लिए रवाना
एटीसी शाहपुर के तत्वावधान में कांगड़ा और चंबा जिलों के 14 स्कूलों के 40 विद्यार्थियों को नेचर कैंप के लिए रवाना किया गया।
नेचर कैंप के दौरान छात्र:
- पालमपुर साइंस सिटी का भ्रमण करेंगे
- गोपालपुर चिड़ियाघर का दौरा करेंगे
- चाय बागानों में जाकर प्राकृतिक पर्यावरण को समझेंगे
इस दौरान विद्यार्थियों को प्रकृति, विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
विद्यार्थियों से अनुभव साझा करने का आह्वान
विधायक ने छात्रों से कहा कि वे नेचर कैंप से लौटने के बाद अपने अनुभव, नए विचार और सुझाव साझा करें, ताकि उनकी सोच और नवाचार को उचित मंच मिल सके।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस पर दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर विश्व मौसम विज्ञान दिवस के मौके पर विधायक ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान एटीसी शाहपुर की प्रभारी एवं वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुनंदा पठानिया ने नेचर कैंप की रूपरेखा प्रस्तुत की और मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
इसके बाद विद्यार्थियों को बस के माध्यम से कैंप के लिए रवाना किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक, एचआरटीसी प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
शाहपुर में आयोजित यह पहल न केवल विद्यार्थियों को प्रकृति और विज्ञान से जोड़ने का प्रयास है, बल्कि उन्हें भविष्य में नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम है।
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