धर्मशाला में उपराष्ट्रपति ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
धर्मशाला के राज्य युद्ध संग्रहालय में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और हिमाचल की वीर परंपरा को देश के लिए गौरव बताया।
सुमन महाशा। कांगड़ा
भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने आज State War Memorial Dharamshala में शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की धरती सदियों से वीर सैनिकों की जननी रही है, जिनकी बहादुरी और देशभक्ति ने पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।
हिमाचल की वीरता पर जताया गर्व
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि हिमाचल की पहाड़ियां और घाटियां ऐसे वीर सपूतों को जन्म देती रही हैं, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के सैनिकों का योगदान भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके साहस और बलिदान ने देश की सुरक्षा को मजबूत किया है।
शहीदों के सम्मान में रखा मौन
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने शहीद सैनिकों के सम्मान में कुछ समय का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में शहीद हुए जवानों का बलिदान सदैव राष्ट्र के हृदय में अंकित रहेगा।
उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को भी देश सेवा और राष्ट्र के सर्वोच्च मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
देश के लिए प्रेरणा हैं वीर सैनिक
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सैनिकों की वीरता और समर्पण देश की सबसे बड़ी ताकत है। उनका साहस और अनुशासन पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे देशभक्ति और सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
निष्कर्ष:
धर्मशाला के राज्य युद्ध संग्रहालय में उपराष्ट्रपति की यह श्रद्धांजलि न केवल शहीद सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक बनी, बल्कि हिमाचल की वीर परंपरा और देशभक्ति की भावना को भी एक बार फिर याद दिलाने का अवसर बनी।
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