विधानसभा परिसर में एंट्री टैक्स और सेस वृद्धि के खिलाफ भाजपा का जोरदार प्रदर्शन
हिमाचल में एंट्री टैक्स और पेट्रोल-डीजल सेस बढ़ोतरी पर भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, सरकार पर जनविरोधी फैसलों के आरोप, विवाद तेज।
रोज़ाना हिमाचल ब्यूरो। शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उस समय गर्माहट देखने को मिली जब भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने किया। भाजपा विधायक एकजुट होकर विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन फैसलों को जनविरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
विपक्ष का कहना है कि छोटी गाड़ियों पर एंट्री टैक्स को 40 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है, जबकि बड़ी गाड़ियों के लिए यह राशि 1000 रुपये तक पहुंच गई है। भाजपा नेताओं के अनुसार यह वृद्धि न केवल तर्कहीन है बल्कि पर्यटन पर निर्भर राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी हानिकारक साबित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है, जिससे होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य संबंधित व्यवसायों को नुकसान होगा। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर सेस लगाने की तैयारी को लेकर भी विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ करार दिया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को राहत देने के प्रयास कर रही है, वहीं राज्य सरकार ऐसे निर्णय ले रही है जो जनता की परेशानियों को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस टैक्स वृद्धि का असर पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक पहुंच चुका है, जहां के ट्रांसपोर्टर और व्यापारी भी विरोध में उतर आए हैं। कुछ संगठनों ने तो प्रदेश में वाहनों के प्रवेश को रोकने और चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को 3920 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दिए जाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह राशि राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस धन का उपयोग केवल निर्धारित विकास कार्यों में ही किया जाए, ताकि प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने एंट्री टैक्स और ईंधन पर लगाए गए सेस को वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि वे इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़कों तक उठाते रहेंगे, ताकि जनता के हितों की रक्षा की जा सके और सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सके।
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