जमीन घोटाले में बेनकाब हो रहे चेहरों को बचा रही सुक्खू सरकार!’ चेस्टर हिल मामले पर जयराम ठाकुर का बड़ा हमला

चेस्टर हिल जमीन विवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निष्पक्ष जांच के बजाय साक्ष्यों को दबाने और दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

Apr 5, 2026 - 18:46
 0  18
जमीन घोटाले में बेनकाब हो रहे चेहरों को बचा रही सुक्खू सरकार!’ चेस्टर हिल मामले पर जयराम ठाकुर का बड़ा हमला

मंडी।

जमीन घोटाले में बेनकाब हो रहे चेहरों को बचाने में जुटी सुक्खू सरकार’ : जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष Jairam Thakur ने प्रदेश की Sukhvinder Singh Sukhu सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब जमीन घोटाले में शामिल चेहरे बेनकाब होने लगे हैं, तो पूरी कांग्रेस सरकार और पार्टी में खलबली मच गई है।

मंडी से मीडिया को जारी बयान में जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के बजाय सरकार साक्ष्यों को दबाने और दोषियों को संरक्षण देने में जुटी हुई है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

चेस्टर हिल मामले को लेकर उठाए सवाल

Chester Hill Himachal Pradesh से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भले ही सरकार ने भारी दबाव और सोशल मीडिया पर मामला उजागर होने के बाद मुख्य सचिव द्वारा जारी विवादास्पद पत्र को वापस ले लिया हो, लेकिन इससे सरकार की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि मुख्य सचिव द्वारा लिखा गया पत्र आनन-फानन में वापस लेना पड़ा और क्या वह पत्र वास्तव में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लिखा गया था।

पारदर्शिता और प्रक्रिया पर उठाए सवाल

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यह पत्र किसके इशारे पर लिखा गया और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी। उन्होंने यह भी पूछा कि जब अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अवकाश पर थे, तो उनके कार्यभार को संभाल रहे अधिकारी ने इतनी जल्दबाजी में फैसला क्यों सुनाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुने बिना एकतरफा निर्णय लिया गया, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि जब यह मामला मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका था, तब मुख्यमंत्री पूरे प्रकरण से अनभिज्ञ होने का ‘नाटक’ क्यों करते रहे और संबंधित अधिकारियों का बचाव किस आधार पर किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के इस मामले में पर्दे के पीछे छिपे किरदारों को अब छिपने की जगह नहीं मिलेगी और सरकार को जनता के सामने इन तीखे सवालों का जवाब देना ही होगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पत्र वापस लेना केवल लीपापोती है, जबकि असली खेल उस प्रक्रिया और मंशा में छिपा है जिसके तहत एकतरफा आदेश पारित किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मामले को तार्किक परिणति तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0