डिलीवरी के बहाने ओटीपी से लूट रहे शातिर, सीनियर सिटीजन्स सबसे ज्यादा शिकार
हिमाचल में डिलीवरी OTP स्कैम तेजी से बढ़ रहा है। सीनियर सिटीजन्स सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं। पुलिस ने 1930 पर शिकायत करने की अपील की।
शिमला । डिलीवरी ओटीपी के नाम पर लूट की जा रही है। एक कॉल पर लोगों के बैंक अकाउंट खाली हो जा रहे हैं। भारत में यह नया साइबर जाल फैल रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी कंपनियां पैर पसार चुकी हैं। प्रदेश में सीनियर सिटिजन्स इस फ्रॉड के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। आप कूरियर के नाम पर ओटीपी शेयर करते हैं और बैंक में जमा पैसे उड़ जाते हैं। डिलीवरी वेरिफिकेशन के नाम पर यह स्कैम किया जा रहा है। हिमाचल पुलिस के अनुसार डिलीवरी वेरिफिकेशन के बहाने ओटीपी स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो साइबर अपराध की एक प्रमुख श्रेणी बन चुके हैं। ये स्कैमर्स खुद को कूरियर कंपनी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या बैंक अधिकारी बताकर फोन करते हैं। हिमाचल पुलिस ने भी लोंगों के लिए साइबर फ्रॉड की चेतावनी जारी कर दी है।
सतर्क रहे, फ्रॉड पर दर्ज करवाएं रिपोर्ट
डीजीपी अशोक तिवारी ने बताया कि ओटीपी कभी शेयर न करें, भले ही कोई भी दावा करे। संदिग्ध कॉल पर बैंक ऐप से खुद ट्रांजेक्शन चेक करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें। शक होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या website पर रिपोर्ट दर्ज करें। हिमाचल पुलिस के अनुसार एक छोटी लापरवाही से लाखों का नुकसान हो सकता है। डिजिटल इंडिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता जरूरी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़े ठगी के मामले
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में साइबर अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में यह मामले बढ़े हैं, क्योंकि यहां डिजिटल साक्षरता कम है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन
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