शिमला में पेंशनरों का धरना, सरकार को चेतावनी
शिमला के अंबेडकर चौक में पेंशनर संगठनों का धरना, सरकार को चेतावनी। लंबित मांगों और वित्तीय लाभों पर जल्द समाधान की उठी मांग।
शिमला । शिमला के अंबेडकर चौक में हिमाचल प्रदेश पेंशरनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति का सांकेतिक धरना हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए सीधी सीधी चुनौती बन गई है। समिति की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमें पेंशनरों के 18 संगठनों के राज्यस्तरीय पदाधिकारीयो ने भाग लिया। संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा का कहना था कि धरना प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों से जुड़े लंबित और ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम में सरकार की कार्यप्रणाली, नीतियों में विरोधाभास और पेंशनरों की समस्याओं के समाधान में हो रही देरी के लिए सुख की सरकार पर आरोप जड़े गए। पेंशनर संगठनों के पदाधिकारी का कहना था कि प्रदेश के हजारों पेंशनर विभिन्न आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, धरने के माध्यम से सरकार से मांग की गई की पेंशनरों की लंबित मांगों पर शीघ्र समाधान किया जाए।
वित्तीय लाभ और भत्तौ से जुड़े मामलों में स्पष्ट नीति बनाई जाए तथा पेंशनरों को समयवध राहत प्रदान की जाए। भूपाराम वर्मा ने अपने उद्बोधन में मंच से सीधे-सीधे सरकार को चेताया कि यदि सरकार अब भी पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए सुख की सरकार को तैयार रहना होगा। वही सुख संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर का कहना था की सुख की सरकार सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा ना लें। उन्होंने सीधे-सीधे सरकार को आगाह किया कि यदि वह हमारी मांगों पर बातचीत के माध्यम से कोई सर्वमान्य हल नहीं निकालती तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा, तथा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी नहीं हिचकिचाया जाएगा।
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