सोलन: छात्र की मौत पर बवाल, यूनिवर्सिटी पर केस
सोलन में 21 वर्षीय छात्र की मौत के बाद पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर केस दर्ज किया। छात्रों ने प्लेसमेंट और वेतन को लेकर किया विरोध प्रदर्शन।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो। सोलन
हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में छात्र द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जिस पर पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान नितिन पुत्र कल्याण चौहान, निवासी गांव एवं डाकघर शील, तहसील रोहडू, जिला शिमला (हि.प्र.), आयु 21 वर्ष के रूप में हुई है।
एसपी सोतन एसडी वर्मा ने बताया कि गत 28 मार्च को पुलिस थाना सदर सोलन में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से सूचना प्राप्त हुई कि मधुबन कोलोनी, सोलन में एक युवक द्वारा फंदा लगाने का मामला में क्षेत्रीय सोललाए न लाये हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल सोतन पहुंची, जहां एक युवक आपातकालीन कक्ष में मृत अवस्था में पाया गया।
मृतक के शव का गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें गले पर रस्सी के निशान के अतिरिक्त शरीर पर किसी अन्य प्रकार के चोट या खरोंच के निशान नहीं पाए गए। मौके पर उपस्थित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल का भी निरीक्षण किया गया, जहां मृतक ने कमरे के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। मौके से एक मोबाइल फोन, एक डायरी तथा एक रस्सी बरामद कर पुलिस कब्जे में ली गई है। बरामद डायरी में मृतक द्वारा सुसाइड नोट लिखा पाया गया है, जिसमें उसने अपनी जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
जांच के दौरान किसी ने भी मृतक के मृत्यु बारे शक जाहिर न किया था। मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को अंतिम संस्कार हेतु सौंप दिया गया है। बरामद डायरी, रस्सी, अन्य साक्ष्य एवं विसरा को जांच हेतु एसएफएसएल, जुन्गा भेजा जा रहा है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में किया प्रदर्शन
घटना के उपरांत शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा नितिन की मृत्यु आत्महत्या के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया तथा प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि मृतक नितिन को प्लेसमेंट के समय जितना वेतन पैकेज बताया गया था, वास्तविकता में उसे उससे कम वेतन दिया जा रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से अत्यधिक तनावग्रस्त रहता था। छात्रों के अनुसार इसी मानसिक दबाव के चलते नितिन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इसके अतिरिक्त, छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोर्स के दौरान 100% प्लेसमेंट की गारंटी पूरी नहीं की गई, जिससे छात्रों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। साथ ही यह भी आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं के समाधान हेतु अपेक्षित सहयोग प्रदान नहीं करता है।
उपरोक्त तथ्यों के मध्यनजर में मामले की जांच सुनिश्चित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है, जिसकी तफ्तीश अमल में लाई जा रही है।
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