धर्मशाला में यूको बैंक का बाल रचनात्मकता कार्यक्रम
यूको बैंक ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला मंत, धर्मशाला में बाल रचनात्मकता कार्यक्रम आयोजित कर मातृभाषा, स्वच्छता और पारिवारिक मूल्यों पर बच्चों को जागरूक किया।
सुमन महाशा। धर्मशाला
राजकीय प्राथमिक पाठशाला, मंत (धर्मशाला) में यूको बैंक द्वारा “बाल रचनात्मकता अभिव्यक्ति कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में मातृभाषा के प्रति सम्मान, रचनात्मक सोच, पारिवारिक मूल्यों की समझ और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला और नन्हें विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया।
मातृभाषा: व्यक्तित्व की मजबूत नींव
यूको बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बच्चों को सरल शब्दों में मातृभाषा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा—
-
मातृभाषा वह भाषा है जिसमें हम जीवन का पहला शब्द बोलते हैं।
-
यही हमारी सोच, अभिव्यक्ति और भावनाओं का आधार बनती है।
-
मातृभाषा में सीखने से बच्चे अधिक आत्मविश्वासी और रचनात्मक बनते हैं।
उन्होंने इसे “ज्ञान-वृक्ष की जड़” बताते हुए कहा कि इसे मजबूत बनाना हर नागरिक का दायित्व है।
पारिवारिक मूल्य: जीवन की पहली पाठशाला
यूको बैंक के विधि अधिकारी श्री मुदित राठी ने बच्चों से संवाद करते हुए पारिवारिक मूल्यों पर प्रेरक संदेश दिया।
उन्होंने कहा,
“परिवार हमारी पहली पाठशाला है। सम्मान, सहयोग, अनुशासन, ईमानदारी और कृतज्ञता जैसे मूल्य ही हमें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।”
भाषायी प्रेम, राष्ट्रप्रेम और स्वच्छता का संदेश
वरिष्ठ प्रबंधक श्री अभिषेक शर्मा ने भाषायी विविधता, हिमाचल की संस्कृति और स्वच्छता पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
उन्होंने बच्चों से अपील की कि—
-
भारत की सभी भाषाओं का सम्मान करें
-
मातृभाषा पर गर्व करें
-
प्रतिदिन घर और विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने का संकल्प लें
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती विजया कुमारी ने भी बच्चों को संबोधित करते हुए कहा—
“मातृभाषा में बोलने और लिखने में कभी संकोच न करें। यही हमारी असली पहचान है।”
मातृभाषा दिवस पर रचनात्मक प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं—
✔️ चित्रांकन प्रतियोगिता – बच्चों ने देश, पर्यावरण और मातृभाषा पर सुंदर चित्र बनाए।
✔️ स्लोगन लेखन प्रतियोगिता – कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने प्रेरक संदेश लिखे।
बच्चों की रचनात्मकता ने उपस्थित सभी शिक्षकों और अतिथियों को प्रभावित किया।
समापन: नई ऊर्जा के साथ विदाई
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन और यूको बैंक अधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि रहा, बल्कि बच्चों के मन में संस्कृति, भाषा और सामाजिक जिम्मेदारी के बीज बोने का सार्थक प्रयास भी साबित हुआ।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0