कांगड़ा चुनाव: विकास नहीं, समस्याओं पर बोला जनहित मोर्चा
कांगड़ा जनहित मोर्चा अध्यक्ष अमित वर्मा ने नगर परिषद चुनाव से पहले शहर की मूलभूत समस्याओं, बेसहारा पशुओं और विकास मुद्दों पर जनता से जागरूक मतदान की अपील की।
सुमन महाशा। कांगड़ा
धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी कांगड़ा में नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। इसी बीच कांगड़ा जनहित मोर्चा के अध्यक्ष अमित वर्मा ने शहरवासियों से जागरूक होकर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चुनाव केवल राजनीति का मंच नहीं, बल्कि शहर के भविष्य को तय करने का अवसर है।
अमित वर्मा ने शहर की कई मूलभूत समस्याओं को उठाते हुए कहा कि वर्षों से विकास के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन जनता से जुड़े अहम मुद्दों का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
बेसहारा पशु और बंदरों की समस्या बनी बड़ी चुनौती
अमित वर्मा ने कहा कि कांगड़ा शहर में बेसहारा पशु, आवारा कुत्ते और बंदरों की समस्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर घूम रहे पशु ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं और दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि:
- कई लोग सड़क हादसों में घायल हो चुके हैं।
- बंदरों के कारण लोगों को घरों और दुकानों का सामान सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए अकेले बाहर निकलना चिंता का विषय बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद और संबंधित विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा पाए हैं।
शहर की कई समस्याएं अब भी जस की तस
जनहित मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि कांगड़ा शहर में आज भी कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने विशेष रूप से इन मुद्दों का जिक्र किया:
- पार्किंग व्यवस्था की कमी
- सफाई व्यवस्था की समस्याएं
- सीवरेज सिस्टम की खामियां
- खराब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
- ट्रैफिक प्रबंधन की दिक्कतें
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांगड़ा विकास की दौड़ में पीछे रह सकता है।
“वोट से बदल सकती है शहर की तस्वीर”
अमित वर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मतदान से पहले प्रत्याशियों की कार्यशैली, सोच और विकास के प्रति उनकी गंभीरता को जरूर परखें।
उन्होंने कहा कि:
“जनता को ऐसे प्रतिनिधि चुनने चाहिए जो केवल राजनीति नहीं, बल्कि शहर के विकास के लिए संघर्ष करने की क्षमता रखते हों।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुराने जनप्रतिनिधियों ने अच्छा कार्य किया है तो जनता उन्हें दोबारा मौका दे सकती है, लेकिन जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, उनकी जगह नए और ईमानदार चेहरों को अवसर मिलना चाहिए।
चुनाव को राजनीतिक रंग न देने की अपील
अमित वर्मा ने कहा कि कुछ लोग नगर परिषद चुनाव को पार्टी आधारित बनाकर शहर के भाईचारे को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से विकास और शहरहित को प्राथमिकता देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा की पहचान धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी के रूप में है, इसलिए शहर का सुनियोजित और संतुलित विकास बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
नगर परिषद चुनाव को लेकर कांगड़ा में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में शहर के विकास, मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं को लेकर उठ रही आवाजें चुनावी चर्चा के केंद्र में नजर आ रही हैं। अब देखना होगा कि मतदाता इस बार किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं।
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