कांगड़ा नगर परिषद चुनाव में भाजपा का बड़ा विकास वादा
कांगड़ा नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने विकास को मुद्दा बनाया। विधायक पवन काजल ने परिवारवाद खत्म कर शहर को नई दिशा देने का दावा किया।
सुमन महाशा। कांगड़ा
नगर परिषद कांगड़ा के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने अपने अधिकृत उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। चुनावी माहौल के बीच प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और विधायक पवन काजल ने शहरवासियों से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव का मुख्य मुद्दा केवल और केवल विकास है। भाजपा ने शहर के सभी वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारकर नगर परिषद में नया नेतृत्व देने का दावा किया है।
“अब कांगड़ा में होगी विकास की राजनीति”
विधायक पवन काजल ने अपनी अपील में कहा कि बीते 12 वर्षों के दौरान उन्होंने कांगड़ा शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शुरू करवाए।
उन्होंने जिन प्रमुख कार्यों का उल्लेख किया, उनमें शामिल हैं:
- स्वच्छ पेयजल सुविधा में सुधार
- सीवरेज परियोजना का उन्नयन
- जल शक्ति विभाग का मंडल कार्यालय
- शहर में इंटरलॉकिंग टाइलों का निर्माण
- गरीब परिवारों के लिए आवास निर्माण
- मंदिर बाजार में क्नोपी शेड निर्माण
काजल ने कहा कि इन कार्यों से लोगों को सीधे लाभ मिला है, लेकिन कई योजनाएं वर्षों तक राजनीति और परिवारवाद के कारण आगे नहीं बढ़ सकीं।
परिवारवाद खत्म करने की अपील
भाजपा विधायक ने कहा कि कांगड़ा शहर को विकास के पंख काफी पहले लग जाने चाहिए थे, लेकिन नगर परिषद में लंबे समय तक कुछ परिवारों का प्रभाव रहने से शहर अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया।
उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि नगर परिषद को “परिवारवाद के चंगुल” से बाहर निकालकर नए नेतृत्व को मौका दिया जाए।
भाजपा की भविष्य की बड़ी योजनाएं
भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान शहर के लिए कई नई योजनाओं का भी उल्लेख किया है। इनमें प्रमुख हैं:
प्रस्तावित योजनाएं:
- तहसील चौक से बस अड्डे तक बिजली की लाइनें भूमिगत करना
- सभी 9 वार्डों को आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ना
- घर-घर सोलर लाइट सुविधा
- बंदरों और बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान
- आधुनिक पार्क का निर्माण
- मिशन रोड स्थित कूड़ा निष्पादन संयंत्र को अपग्रेड करना
भाजपा उम्मीदवार इन योजनाओं को लेकर घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं।
नगर परिषद चुनाव में बढ़ी राजनीतिक हलचल
कांगड़ा नगर परिषद चुनाव इस बार काफी दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा पहली बार पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरी है। वहीं कांग्रेस भी अपने गढ़ को बचाने की कोशिश में जुटी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार विकास, बुनियादी सुविधाएं और स्थानीय नेतृत्व चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
निष्कर्ष
कांगड़ा नगर परिषद चुनाव अब केवल स्थानीय चुनाव नहीं बल्कि विकास बनाम पुराने राजनीतिक ढांचे की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रचार और तेज होने की संभावना है, जबकि जनता की नजर अब उम्मीदवारों के वादों और काम पर टिकी है।
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