गिरिपार में लागू हुए शादी के नए नियम, सादगी पर जोर-200 साल पुरानी नेवदा रस्म बंद, दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध
सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में 200 साल पुरानी नेवदा रस्म खत्म, शादियों में बड़े बदलाव, खर्च कम करने को ग्रामीणों का ऐतिहासिक फैसला।
रोज़ाना हिमाचल ब्यूरो। शिलाई
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांसगिरी (गिरिपार) क्षेत्र में सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गवाली पंचायत के पशमी और घासन गांव के ग्रामीणों ने 200 साल पुरानी ‘नेवदा’ रस्म को पूरी तरह समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
महासू मंदिर में ढिमेदार बारू राम चौहान की अगुवाई में हुई बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इस फैसले पर मुहर लगाई और शपथ लेकर इसे सख्ती से लागू करने का संकल्प लिया। निर्णय के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत अब शादियों को सादगीपूर्ण बनाया जाएगा। विवाह समारोह केवल एक दिन के रिसेप्शन तक सीमित रहेगा। बारात में अधिकतम 50 लोग और 10 गाड़ियां ही शामिल हो सकेंगी। दहेज प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और शादी में महंगे गहनों के प्रदर्शन को भी सीमित किया जाएगा।
इसके अलावा, शादी से पहले होने वाली कई पारंपरिक रस्में जैसे लकड़ी काटने की धाम, रोटियारी और कामगारों के लिए अलग से बकरा भोज जैसी परंपराएं भी समाप्त कर दी गई हैं। हालांकि, मामा के स्वागत में बकरा भोज पूर्ववत जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और समय की कमी के कारण पुरानी रस्मों को निभाना कठिन हो गया था, इसलिए यह सामूहिक निर्णय लिया गया। पूरे गांव में मुनादी कर लोगों को नए नियमों की जानकारी दी गई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0