ब्रेन और स्पाइन सर्जरी में क्रांति : शुरुआती पहचान से सुरक्षित इलाज तक
कांगड़ा में विशेषज्ञ संवाद में ब्रेन और स्पाइन सर्जरी की नई तकनीकों पर चर्चा। शुरुआती लक्षणों की पहचान से सुरक्षित और सफल इलाज संभव।
सुमन महाशा। कांगड़ा
कांगड़ा में आयोजित एक विशेष विशेषज्ञ संवाद कार्यक्रम में प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन एवं स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अमित जोशी और डॉ. अमित भारद्वाज ने ब्रेन और स्पाइन रोगों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से उपचार में आए सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मुख्य फोकस शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान और सुरक्षित, उन्नत उपचार विकल्पों पर रहा।
विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार कमर दर्द, हाथ-पैरों में सुन्नपन या कमजोरी, संतुलन बिगड़ना, लंबे समय तक सिरदर्द रहना तथा बोलने या देखने में बदलाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच और विशेषज्ञ से परामर्श उपचार की सफलता दर को बढ़ाता है और मरीज के जीवन स्तर में सुधार लाता है।
पैनल चर्चा में कंजरवेटिव मैनेजमेंट, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी और अत्याधुनिक ब्रेन सर्जरी तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए उपचार का निर्णय उसकी स्वास्थ्य स्थिति और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में मिनिमली इनवेसिव तकनीकों से टिश्यू डैमेज और रक्तस्राव कम होता है, अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है और रिकवरी तेजी से होती है। उन्नत इमेजिंग और नेविगेशन तकनीकें सर्जरी को और अधिक सटीक व सुरक्षित बना रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
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