मनरेगा खत्म होने की कगार पर! अप्रैल के बाद नई योजना
मनरेगा योजना अप्रैल 2025 के बाद खत्म हो सकती है। इसकी जगह नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबीजी रामजी लागू होने की तैयारी, लोगों की नजरें नई स्कीम पर।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो । शिमला
ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा योजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। वर्ष 2005 से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास का नया अध्याय लिखने वाली यह योजना अप्रैल माह के अंत के साथ इतिहास बन सकती है।
जानकारी के अनुसार, मई 2025 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी रामजी) एक्ट 2025 लागू किए जाने की संभावना है। हालांकि इस नई योजना को 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी थी, लेकिन राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक आवश्यक तैयारियां पूरी न होने के कारण मनरेगा को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया।
हिमाचल प्रदेश में इस योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में चंबा और सिरमौर जिलों में हुई थी। इसके बाद कांगड़ा और मंडी सहित अन्य जिलों में इसे लागू किया गया। वर्ष 2008 तक यह योजना प्रदेश के सभी 12 जिलों में संचालित होने लगी थी।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर कई समस्याएं सामने आईं। मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा था और मटेरियल पेमेंट भी लंबे समय तक लंबित रहती थी। हालांकि अब अधिकांश पेंडिंग भुगतान किए जा चुके हैं।
अब सभी की नजरें नई योजना वीबीजी रामजी पर टिकी हैं। यह योजना मनरेगा की तरह सफल होगी या नहीं, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, अप्रैल माह तक ग्रामीण विकास के कार्य मनरेगा के तहत ही जारी रहेंगे।
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