TMC में मिलेगी नशे से मुक्ति, टांडा में खुलेगा 40 बेड नशा मुक्ति केंद्र
टांडा मेडिकल कॉलेज में 40 बेड का नशा मुक्ति केंद्र खुलेगा। AIIMS दिल्ली को प्रस्ताव भेजा गया, युवाओं के इलाज और पुनर्वास को मिलेगा बढ़ावा।
सुमन महाशा । कांगड़ा
डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर एंड एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए संस्थान की ओर से AIIMS Delhi को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद यहां 40 बेड की क्षमता वाला नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां मरीजों की जांच और उपचार दोनों की सुविधा मिलेगी।
यह केंद्र हिमाचल के युवाओं को नशे से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस परियोजना को लेकर गंभीर हैं और इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अब तक मेडिकल कॉलेज में केवल ओपीडी के माध्यम से परामर्श दिया जाता था, लेकिन नए केंद्र के शुरू होने से मरीजों को एक ही स्थान पर समुचित इलाज मिल सकेगा।
केंद्र में आधुनिक ड्रग डिटेक्शन लैब भी स्थापित की जाएगी, जो कुछ ही मिनटों में शरीर में मौजूद नशे के प्रकार और उसकी मात्रा का पता लगा सकेगी। यहां डॉक्टरों के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक, सोशल वर्कर और रिकवरी कोच भी मिलकर मरीजों के उपचार में योगदान देंगे।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाफ शर्मा के अनुसार, एटीएफ केंद्र शुरू होने के बाद आधे हिमाचल प्रदेश को इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह पहल न केवल उपचार बल्कि जागरूकता और पुनर्वास में भी सहायक साबित होगी।
इस तरह के केंद्रों का उद्देश्य नशे के आदी लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना है, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें और दोबारा नशे की ओर न जाएं।
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